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नए रंग की साड़ियों में नजर आयेंगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, साड़ी का रंग बदला… बुनकरों की बनाई साड़ी पहनेंगी आंगनबाड़ीकर्मी

रायपुर, 18 अक्टूबर-  प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता और सहायिका अब नए रंग के साड़ी में नज़र आयेंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता और सहायिका अब तक गुलाबी साड़ी में नजर आती थी जो अब कत्था रंग की प्रिंटेड साड़ी में नजर आएंगी। वही सहायिका स्लेटी रंग की साड़ी दिखेंगी।

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प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मशीनों से बनी साड़ी की जगह बुनकरों द्वारा बनाई साड़ी का उपयोग करेंगी। अब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ को साड़ी महिला बाल विकास विभाग द्वारा दिया जाता था, जिसे राज्य सरकार ने बुनकरों से खरीदने के फैसला किया है। जिससे करीब 45000 बुनकरो को रोजगार मिलेगा।

गुणवत्ता में रहेगा फर्क-

आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता और सहायिकाओ को पूर्व में महिला बाल विकास विभाग द्वारा प्रति साड़ी 300 रूपये की दर से दिया जाता था। जिसके गुणवत्ता को लेकर कार्यकर्ताओ और सहायिकाओ में नाराजगी रहती थी। हाथकरघा संघ बुनकरों से सिलाई वाली साड़ी 557 रुपये की दर से महिला बाल विकास विभाग को देगा। बुनकरों समितियो द्वारा साड़ी बनाने से साड़ी की गुणवत्ता में अंतर रहेगा जो कार्यकर्ताओ और सहायिकाओं को नजर आएगा। इसके लिए विभाग हाथकरघा संघ को 200720400 रुपये भुगतान करेगा।

कमीशनखोरी में लगाम!

विभागीय जानकारीनुसार पूर्व में साड़ी पूर्व में साड़ी महिला बाल विकास द्वारा दी जाती थी जिसे विभागीय अधिकारी थोक में खरीदकर कार्यकर्ताओ और सहायिकाओं को 300 रुपये की दर से प्रदान करते थे। जानकारों की माने तो साड़ी कम कीमतों में खरीदी जाती थी और उसका भुगतान दोगुने कीमत पर किया जाता था। ऐसे में दावा है कि हाथकरघा संघ द्वारा देने पर कमीशन खोरी पर लगाम लगेगी। राज्य हाथकरघा संघ के सचिव बीपी मनहर ने बताया कि

“आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ और सहायिकाओं को राज्य हाथकरघा संघ से बुनकरों द्वारा बनाई गई अच्छी गुणवत्ता की साड़ी मिलेगी।”

 

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