Exclusive News बड़ी खबर

होटल बनाने सरकारी जमीन को लीज में माँगा, नहीं देने पर बलपूर्वक किया कब्ज़ा… दीवाल तोड़ा और बना दिया सड़क

Theindipendent.com

रायपुर– होटल बनाने सरकारी जमीन को लीज पर मांगा नहीं देने पर कारोबारी ने बलपूर्वक कब्जा कब्जा करते हुए सड़क बना दिया। मामला राजधानी के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट प्रबंधन का है जहा एक कारोबारी ने होटल बनाने एयरपोर्ट प्रबंधन से सरकारी जमीन को लीज पर मांगा। प्रबंधन द्वारा लीज पर देने से इंकार करने पर कारोबारी ने एयरपोर्ट की जमीन पर कब्जा करते हुए रातो रात सड़क बना दिया। अब प्रबंधन ने कारोबारी की शिकायत पुलिस से की है।

स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से महज 1 किलोमीटर की दुरी में मुख्य मार्ग में एयरपोर्ट की सरकारी जमीन के बॉउंड्री वाल को तोड़कर चालीस फ़ीट चौड़ा सड़क बनाया गया है। जानकारीनुसार एक कारोबारी ने एयरपोर्ट के पास होटल बनाने के लिए एयरपोर्ट से जमीन लीज पर माँगा, जब प्रबंधन ने एयरपोर्ट की जमीन लीज पर देने का प्रावधान नहीं होना बताया तो कारोबारी ने एयरपोर्ट की बॉउंड्री वाल को तोडकर सरकारी जमीन को कब्ज़ा करते चालीस फ़ीट चौड़ी सड़क बना दिया।

पूरा काम इतनी तेजी से किया गया की एयरपोर्ट प्रबंधन और जिला प्रशासन को इसकी भनक भी नहीं लगी। कारोबारी ने सड़क बनाने मार्ग में आने वाले सैकड़ों पेड़ो को काट दिया। मामले की जानकारी के बाद एयरपोर्ट निदेशक ने माना पुलिस में कारोबारी की शिकायत की है।

एयरपोर्ट प्रबंधन की भूमिका संदिग्ध-

रायपुर में एयरपोर्ट बनने के बाद सरकार ने वीआईपी रोड और नया रायपुर में  लगभग 400 अकड़ जमीन एयरपोर्ट प्रबंधन को दिया। जिसमे माना केम्प से लगे ग्राम पंचायत बनरसी की सरकारी जमींन खसरा  क्रमांक 428/2 पर एयरपोर्ट को सरकारी जमीन आबंटित हुआ था, जिसकी सुरक्षा हेतु एयरपोर्ट प्रबंधन ने जमीन के चारो तरफ पक्की सीमेंट का बॉउंड्री वाल बनवाया था।

उक्त बॉउंड्री वाल को कारोबारी ने तोड़ते हुए मुरम का सड़क बना दिया तब एयरपोर्ट प्रबंधन को इसकी जानकारी लगी। कारोबारी द्वारा जमीन को लीज मांगने से लेकर दिवार तोड़कर सड़क बनाने तक एयरपोर्ट प्रबंधन मूकदर्शक था। मामला मीडिया में आने के बाद एयरपोर्ट प्रबधन ने आनन फानन में कारोबारी कि शिकायत माना पुलिस थाने में की है। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के निदेशक डॉ राकेश सहाय ने कहा कि

एक कारोबारी ने होटल खोलने एयरपोर्ट की जमीन लीज पर माँगा था, जिसे हमने मना किया था क्योकि एयरपोर्ट की जमीन लीज पर देने का प्रावधान नहीं है। उसके बाद किसी ने हमारी जमीन के बाउंड्री वाल को तोड़कर सड़क बना दिया है जिसकी शिकायत पुलिस से की गई है। सड़क किसने बनाया मुझे नहीं पता।

इस पुरे मामले में एयरपोर्ट के निदेशक डॉ राकेश सहाय की भूमिका संदिग्ध है। डॉ सहाय ने सड़क बनने के पंद्रह दिनों बाद पुलिस में शिकायत की। उक्त सरकारी जमीन पर किसने सड़क बनाया डॉ सहाय को नहीं पता। वही इस मामले की शिकायत जिला प्रशासन से करने के बजाये निदेशक डॉ सहाय ने माना पुलिस से की।

 

 

जाँच को प्रभावित करने अधिकारियो ने दस्तावेजों में की त्रुटी, सचिव को किया गुमराह.. वर्षो से लंबित आधा दर्जन जाँच

About the author

THEINDIPENDENT.COM

Add Comment

Click here to post a comment

-Ad-

Advertisement

-Ad-

Exclusive News

Follow Me

-Ad-

error: Content is protected !!