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लॉकडाउन को लेकर असमंजस में सरकार, लॉकडाउन बढ़ने की सुगबुगाहट पर विरोध में कारोबारियों संगठन,, मंत्री चौबे बोले “समीक्षा के बाद होगा फैसला”

रायपुर-  लाॅकडाउन को लेकर सरकार असमंजस मे है। प्रदेश के अलग अलग जिलो मे बीते दस दिनो से लाॅकडाउन जारी है उसके बाद भी सरकार कुछ भी कहने मे असमर्थ मे है। प्रदेश के अधिकांश जिलो मे लाॅकडाउन प्रभावशील है जिसकी मियाद इस महिने की 30 तारीख व राजधानी मे जारी लाॅकडाउन 28 सिंतबर को समाप्त होगी। गुरूवार को राजधानी मे लाॅकडाउन  की स्थिति का निरिक्षण करने निकले मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहां कि

‘‘लाॅकडाउन हटाने या बढाने को लेकर पांच दिनो बाद समीक्षा की जायेगी जिसके बाद निर्णय लिया जायेगा।”

मंत्री चौबे 28 सितंबर के बाद की स्थिति को लेकर स्परूट तौर पर कुछ भी कहने की स्थिति मे नही थे। प्रदेश के रायुपर बिलासपुर दुर्ग राजनांदगांव समेत कुल 18 जिलो मे लाॅकडाउन किया गया है। 21 मार्च के प्रदेश अभी तक कुल चार से पांच बार लाॅकडाउन की चपेट मे आ चुका है। वही कोरोना की रफतार समय के साथ लगातार बढते स्तर मे है।

राज्य सरकार द्वारा बार बार लाॅकडाउन करने पर पाबन्दी लगाते हुये केन्द्रीय गृहमंत्रालय ने 29 अगस्त को आदेश जारी कर लाॅकडाउन का अधिकार छीन लिया था। 29 अगस्त को जारी आदेश क्रमांक 40-3/2020-डीएम-(ए) मे लाॅकडाउन को लेकर गाईडलाईन जारी किया था। जिसके अनुसार कलेक्टर कंटेंटमेन जोन मे विशेष परिस्थितियो मे लाॅकडाउन कर सकते है, जिसके लिये गृहमंत्रालय से पुर्व अनुमति आवश्यक रहेगा और अधिकतम 30 सिंतबर तक ही किया जा सकता है। ऐसे मे सरकार को अब लाॅकडाउन से आगे बढकर भयावह होते कोरोना के नियंत्रण के बारे मे योजना बनानी होगी। वही स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने इंटरव्यू मे Theindipendent.com से बात करते हुये कहां था कि लाॅकडाउन कोरोना से बचाव का स्थाई समाधान नही है।

कितना फायदेमंद हुआ लाॅकडाउन-

केन्द्र और राज्य सरकार ने मार्च से अब तक दस से पन्द्रह दिनो का  चार से पांच बार लाॅकडाउन कर कोरोना की चेन तोडने की कोशिश की है पर इसमे सफलता उम्मीद की अपेक्षा कम मिली। लाॅकडाउन के दौरान मरीजो की संख्या मे कमी आई, जो अनलाॅक होने के बाद धडल्ले से बढती गईै। बार-बार के लाॅकडाउन से सरकार और आम आदमी दोनो की आर्थिक व्यवस्था बिगड रही है। कारोबारियो की हालत खराब हुा चुकी है तो अपराध की संख्या मे इजाफा हुआ है।

 

कारोबारियो ने किया विरोध-

राजधानी मे 28 सितंबर के बाद लाॅकडाउन बढने की अफवाह के बाद व्यापारी संगठनो ने विरोध किया है। व्यापारी संगठनो ने खुलै तौर पर नाराजगी जाहिर करते हुये कहां कि लाॅकडाउन कोरोना का स्थाई समाधान नही है। बार बार के लाॅकडाउन से व्यापार की हालत खराब हो गई है, ऐसे मे लाॅकडाउन को फिर आबे बढाना सही नही रहेगा। छत्तीसगढ चेंबर आफ कामर्सके अध्यक्ष जितेन्द्र बरलोटा ने कहंा कि

‘कारोबारी इस बार के लाॅकडाउन के पक्ष मे नही थे, जिला प्रशासन ने बिना व्यापारियो से चर्चा किये लाॅकडाउन किया है।’’

वही छत्तीसगढ कैट के अध्यक्ष अमर परवानी ने कहा कि

‘एक लाॅकडाउन से उभरे नही कि दुसरा लगा दिया गया। बार के लाॅकडाउन से व्यापार की हालत खराब हो गई है, कारोबार थोडा पटरी पर आया था जो फिर पीछे चला गया।’

 

 

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