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डीएमई पर कार्यवाही को स्वीकृति, फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी पर दर्ज है एफआईआर.. स्वास्थ्य मंत्री ने दिया अप्रूवल

रायपुर– संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ एसएल आदिले पर क़ानूनी कार्यवाही के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियोजन स्वीकृति दे दी है।

वर्ष 2010 में डीएमई डॉ एसएल आदिले और अधिष्ठाता जगदलपुर मेडिकल कॉलेज के डॉ सीएस कांतराज ने वर्ष 2010 में  दो छात्राओं डॉ प्रिया गुप्ता और आकांशा आदिले को फर्जी दस्तावेजों के सहारे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाया। डॉ आदिले ने डीएमई रहते पद का दुरूपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किया और अखिल भारतीय कोटा से 15 फीसदी लाभांश लिया था। जिससे दोनों को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिया गया था।

इस पर गोलबाज़ार थाना पुलिस ने वर्ष 2010 में डॉ एसएल आदिले पर 420, 467,468, 471,120 बी और 34 अंतर्गत अपराध रजिस्टर किया था। जिसके बाद कुछ दिनों के लिए डॉ आदिले को जेल भी जाना पड़ा था। डॉ आदिले पर कार्यवाही के लिए विधि विभाग ने स्वास्थ्य मंत्रालय से एक महीने के भीतर अनुमति माँगा था जिसे कुछ दिन पहले ही स्वास्थ्य मंत्री ने अप्रूवल दिया है।

वर्तमान में डीएमई-

भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा के आरोपी डॉक्टर एसएल आदिले को स्वास्थ्य विभाग ने सेवानिवृति के बाद संविदा नियुक्ति दी गई है। वे अभी चिकित्सा शिक्षा संचनालय के संचालक है। उनका कार्यकाल आगामी सितम्बर 2020 को समाप्त होगा। डॉ आदिले संविदा में रहते हुए भी लगातार नियुक्तियां कर रहे है जो नियमो के खिलाफ है।

 

डीन के अधिकारों में डीएमई का दखल, नियम विरुद्ध किया डॉक्टर की नियुक्ति! नियुक्ति पर उठे सवाल..

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