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ऑक्सीजन की कमी से छटपटाते मरीजों की मदद करने पर युवक सहित तीन पर एफआईआर, पोल खुलने से बिफरी सरकार..

जौनपुर (1 मई 2021)  उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कोरोना संक्रमण रोकथाम में विफल होने के बाद चरमराई स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खुलने पर एफआईआर दर्ज कर लोगो को धमकाने में लगी है। जौनपुर के जिला अस्पताल में 29 अप्रैल को बेड और ऑक्सीजन नहीं होने पर अस्पताल परिसर में छटपटाते मरीजों को ऑक्सीजन देने वाले युवक समेत तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट पर पुलिस तीनों के खिलाफ महामारी फैलाने का केस दर्ज कर उनकी तलाश में जुट गई है।

जानकारी अनुसार जिला अस्पताल में गुरुवार को उपचार के लिए दूरदराज से पहुंचे मरीजों को बेड के अभाव में भर्ती नहीं किया गया। जिनमे कुछ मरीज अस्पताल परिसर के फर्श में ही छटपटाने लगे। मरीजो को तड़पता देख प्राइवेट एंबुलेंस चलवाने वाले युवक विक्की अग्रहरि ने आनन फानन में अपनी एंबुलेंस में मौजूद तीन ऑक्सीजन सिलिंडरों को निकालकर मरीजों को ऑक्सीजन देना शुरू कर दिया। उसने एक और एम्बुलेंस से तीन सिलेंडर मांगे और उसे भी उन मरीजों की उपचार में लगा दिया। विक्की को मरीजों का इलाज करते देख एक और युवक जिसने जिसने अपने पिता के लिए सिलेंडर लाया था पर पिता की मौत हो जाने पर बचे दो सिलेंडर भी विक्की को दे दिया।

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विक्की ने कुल आठ सिलिंडरों की मदद से 14 लोगों को आक्सीजन देकर राहत पहुंचाया। इस पुरे घटनाक्रम की खबरे जब अखबरों की सुर्खिया बनी तो अस्पताल प्रशासन को नागवार गुजरी। मरीजों की अस्पताल भर्ती कर विक्की अग्रहरि सहित तीन युवको पर महामारी अधिनियम पर अपराध दर्ज करा दिया।
मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल शर्मा का कहना था कि

“ओपीडी पर्ची काउंटर के बगल में मरीजों को लेटाकर युवक ऑक्सीजन दे रहा था, वह ना तो इसके लिए अधिकृत था और न ही उसके पास कोई डिग्री है। यह मरीजों की जान से खिलवाड़ करना था। बस अस्पताल प्रशासन की छवि खराब करने के लिए ऐसा किया गया था।”

ऐसे में सवाल उठता है कि मरते व्यक्ति की मदद डिग्री होने पर ही की जा सकती है, बिना डिग्री का व्यक्ति किसी का मदद नहीं कर सकता? उत्तरप्रदेश सरकार ने नाकामी छिपाने अब आम लोगो पर अपराध दर्ज कर रही है ताकि अस्पतालों की अव्यस्व्था उजागर न हो सके। इस मामले में कोतवाली थाना प्रभारी तारावती यादव ने बताया कि

“शिकायत के बाद मामला दर्ज कर छानबीन की जा रही है।”

(अमर उजाला)

 

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