Exclusive News बड़ी खबर

मंदिर ट्रस्ट को पिपरौद में जमीन आबंटन का आदेश, सख्त महंत हुए नरम,, ग्रामीणों का विरोध दरकिनार..

रायपुर-  ग्रामीणो के विरोध को दरकिनार जिला प्रशासन ने पिपरौद के 30 एकड सरकारी भुमि दुग्धाधारी मंदिर ट्रस्ट के नाम आबंटित करने का आदेशित किया है। जिसके बाद ग्रामीणो ने कलेक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

भाटागांव ने दुग्धाधारी मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर निर्मित अंर्तराज्यीय बस स्टैंण्ड के बदले मे शासन ने राजिम से सटे पिपरौद मे 30 एकड जमीन देने का फैसला किया है, जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे है। बीते दिनो अपर कलेक्टर ने पिरौद के खसरा क्रमांक 1210 रकबा 18.50 हेक्टेयर मे से 30 एकड भुमि मंदिर ट्रस्ट के नाम आबंटित करने का आदेश जारी किया है।

ग्रामीणो ने खोला मोर्चा-

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के बाद जमीन मंदिर ट्रस्ट  के नाम आबंटित होने की जानकारी के ग्रामीणो ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सरपंच सुनीता योगेश साहु ने कहा कि

‘‘हमारे गांव से उसके अतिरिक्त और सकार जमीन नही है,ऐेसे मे निस्तारी की समस्या होगी। बिना ग्राम प्रस्ताव के एकपक्षिय कार्यवाही करते हुये कलेक्टर ने हमारे गांव की सरकारी जमीन को दबावपुर्वक मंदिर ट्रस्ट के नाम आबंटित किया है।’’

मंत्री परिषद की बैठक के बाद से ग्रामीण जमीन देने का विरोध कर रहे है। जिसके लिये सैकडो ग्रामीणो ने राजिम के तहसील कार्यालय का घेराव किया था, तब स्वयं राजेश्री महंत रामसुंदर दास ने उक्त जमीन लेने से इंकार कर दिया था। पिपरौद मे मंदिर मंदिर ट्रस्ट की 300 एकड स्वयं की कृषि भूमि है।

अध्यक्ष बनते महंत का मन बदला-

जमीन लेनदेन की शर्तो के अनुसार मंदिर ट्रस्ट को रायपुर के आसपास जमीन मिलना था। मंत्री परिषद की बैठक मे पिपरौद मे जमीन आबंटित करने पर मंदिर ट्रस्ट ने ये कहते हुये आपत्ति किया था कि उन्हे शर्ताे के अनुसार रायपुर या नया रायपुर मे 30 एकड जमीन आबंटित किया जाये। शासन ने देखा कि रायपुर मे देने लायक 30 एकड जमीन नही है और नया रायपुर मे जमीन की कीमत ली गई जमीन से करोडो अधिक है। ऐसे मे सरकार ने राजेश्री महंत रामसुंदर दास को गौ सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाकर पिपरौद मे जमीन लेने सहमत कर लिया।

 

 

 

Exclusive “ट्रस्ट डीड नियमो का खुला उल्लंघन, संरक्षण के बजाये बस स्टैंड बनाने दे दी जमीन, बदले में मांगे दूकान”

-Ad-

Follow Me

Advertisement

-Ad-

Exclusive News

-Ad-

error: Content is protected !!