क्राइम छत्तीसगढ़ बड़ी खबर

रायपुर पुलिस ने मात्र 12 घण्टे में साल की सबसे बड़ी चोरी का किया खुलासा

रायपुर। राजधानी के मौदहापारा थाना इलाके के शहीद स्मारक कॉम्प्लेक्स स्थित शॉप में हुई 67 लाख की चोरी मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को धर दबोचा है. चोरी की घटना को अंजाम देने में बादल उर्फ (झनक), गोपाल और रमेश महानंद शामिल थे. आरोपी गोपाल के खिलाफ कोतवाली थाने में पहले से ही कई अपराध दर्ज है. रायपुर पुलिस अधीक्षक अजय यादव ने पूरे मामले का खुलासा किया।

पुलिस ने बताया कि कि तीनों आरोपी रात करीब 1 से 2 बजे के बीच चोरी की घटना को अंजाम देकर सुबह 4 बजे के आस-पास बादल उर्फ (झनक) के चाय ठेले में 67 लाख रुपए का बंटवारा किये थे. तीनों आरोपी 20-20 लाख रुपए आपस में बांटे थे. एक ने सीढ़ी के नीचे 20 लाख छुपा दिया. दूसरे ने टूटे मकान में डाल दिया और तीसरे ने एक्टिवा की डिग्गी में छुपाया था.

प्रार्थी पुनीत काबरा ने रिपोर्ट दर्ज कराया है कि वह कूल होम्स दलदल सिवनी मोवा थाना पंडरी रायपुर का निवासी है तथा उसका पान मसाला, तम्बाकू, सिगरेट, एफ एम सी जी का सी एंड एफ और डिस्ट्रीब्यूशन का हरिओम एजेंसी के नाम से शहीद स्मारक काम्प्लेक्स रजबंधा मैदान मौदहापारा में हैं। दिनांक 10.09.2020 को शाम 07.00 बजे प्रार्थी के पिताजी श्री विश्वनाथ काबरा तथा नौकर खेमचंद उर्फ गोलू द्वारा दुकान का शटर बंद कर ताला लगा कर गये थे। दिनांक 11.09.2020 को लगभग सुबह 09.30 बजे उसके पडोसी सुधीर भार्गव का उसके पास फोन आया कि आपके दुकान का आधा शटर खुला हुवा हैं। तब वह अपने दुकान आकर देखा तो दुकान का ताला टुटा हुआ था, दुकान का शटर आधा उठा हुआ था। अंदर जा कर देखा तो काउंटर आदि के दराज खुला हुआ था, तथा सामान बिखरा हुआ था एवं अलमारी का लाक टुटा हुआ था, और अलमारी के लाकर मे रखे हुऐ नगदी रकम लगभग 67.20 लाख रू. गायब थे। जिसमें कुछ नोट 2000 के थे, तथा अधिकांश नोट 500-500 रू के थे जिसे किसी अज्ञात चोर द्वारा दुकान का शटर का ताले तोड कर तथा अलमारी का लाक तोड कर चोरी कर ले गया जिस पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना मौदहापारा में अपराध क्रमांक 90/2020 धारा 457,380 भादवि. पंजीबद्ध किया गया था।

प्रकरण को गंभीरता से लेते हुये पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय अजय यादव द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री तारकेश्वर पटेल एवं अतिरिक्त पुलिस अपराध अभिषेक माहेश्वरी ,नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली देवचरण पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाईन  नसर सिद्दकी, सायबर सेल प्रभारी रमाकांत साहू एवं थाना प्रभारी मौदहापारा यदुमणी सिदार थाना प्रभारी गोलबाजार विनित दुबे, थाना प्रभारी मंदिर हसौद सोनल ग्वाला थाना प्रभारी आजाद चौक अश्वनी राठौर एवं सायबर सेल के 20 स्टाफ की चार अलग-अलग टीम बनाकर अज्ञात आरोपियों की पतासाजी कर गिरफ्तारी हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं घटना स्थल जाकर घटना स्थल का निरीक्षण भी किया गया। टीम द्वारा घटना स्थल का बारिकी से निरीक्षण करते हुए घटना के संबंध में प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ प्रारंभ किया गया। घटना के संबंध में आसपास के लोगों से भी विस्तृत पूछताछ किया जाकर जानकारी एकत्र करना प्रारंभ किया गया। टीम द्वारा घटना स्थल व उसके आसपास लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का अवलोकन करने के साथ ही अज्ञात आरोपी के संबंध में तकनीकी विश्लेषण कर आरोपी को चिन्हांकित करने के प्रयास प्रारंभ किये गये। इसी दौरान टीम को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई जिस पर टीम द्वारा आरोपी रमेश महानंद को हिरासत में लेकर पूछताछ प्रारंभ किया गया। प्रारंभ में आरोपी रमेश महानंद द्वारा बार-बार अपना बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया किन्तु कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी रमेश महानंद ने बताया कि वह अपने दो अन्य साथी बादल उर्फ गोरा जगत एवं गोपाल बाघ के साथ उक्त घटना को कारित किया है । इसके बाद टीम द्वारा अन्य दो आरोपी गोपाल बाघ एवं बादल जगत को भी हिरासत में लिया गया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि घटना की रात करीब 12 बजे वे तीनो अपने एक दोस्त से दो पहिया वाहन लेकर चोरी करने निकले थे और सबसे पहले नटराज इंटरप्राईजेस एवं उसके बाद हरिओम के शटर का ताला तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिये और घटना के बाद तीनो चोरी से प्राप्त रकम को आपस में बराबर-बराबर बांट लिये थे।

आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो पहिया वाहन एवं चोरी के 04 नग मोबाईल फोन, 01 नग लैपटाप एवं नगदी रकम 55 लाख 10 हजार रूपये बरामद किया गया है। शेष रकम के संबंध में आरोपियों से पूछताछ किया जा रहा है। ज्ञात हो कि आरोपी पूर्व मे भी चोरी, नकबजनी एवं लूट के प्रकरण में जेल निरूद्ध रह चुके है एवं आदतन किस्म के अपराधी है। आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। आरोपियो की गिरफ्तारी में लगी टीम को पुलिस महानिरीक्षक द्वारा 30,000 रूपये एवं उप पुलिस महानिरीक्षक द्वारा 20,000 रूपये नगद ईनाम देने की घोषणा की गई है। आरोपियों के अपराधिक रिकार्ड के आधार पर संबंधित थानों में उनकी हिस्ट्रीशीट खोलने की कार्यवाही की जा रही है।

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MAHENDRA GIRI GOSWAMI

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