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विशेष: सरकार को जमीनी सच्चाई बताता हरदेव, अधिकारियो ने कहा “पागल” तो स्वास्थ्य मंत्री शर्मिंदा है।

राहुल गोस्वामी@Theindipendent.Com

रायपुर–  मुख्यमंत्री निवास के बाहर सोमवार को एक युवक ने पेट्रोल उड़ेल आत्महत्या का प्रयास किया तो सरकार की बीते डेढ़ साल की योजनाओ की जमीनी सच्चाई सामने आ गई। धमतरी जिले के तेलिन सेत्ती गांव के 27 वर्षीय हरदेव सिन्हा ने बेरोजगारी से तंग आकर मुख्यमंत्री निवास के बाहर खुद पर पेट्रोल उड़ेल आग लगा लिया। गंभीर रूप से  झुलसे हरदेव सिन्हा को तत्काल सुरक्षा कर्मियों ने अस्पताल पहुंचाया जहा उसका ईलाज जारी है।

हरदेव ने वर्ष 2016 में हुए दिव्यांग योगेश साहू अग्निकांड की याद को ताजा कर दिया। वर्ष 2016 में बीजेपी की सरकार मे बेरोजगारी और आर्थिक तंगी से जूझते दिव्यांग योगेश साहू तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से मिलने गया था। वहा सुरक्षा कर्मियों ने मिलने से मना किया तो उसने भी वही किया जो सोमवार हरदेव ने किया। फर्क इतना है की उस समय बीजेपी की सरकार थी वर्तमान में कांग्रेस की सरकार है। योगेश की घटना के छह दिन बाद मौत हो गई थी पर हरदेव ठीक है।

सरकार ने चुनाव के पूर्व बेरोजगार युवको को 2500 रुपये बेरोजगारी भत्ता देने, शिक्षको की भर्ती करने का घोषणा, पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक छुट्टी, नए पुलिस भर्ती सहित दर्जनों घोषणाएं की गई थी जो डेढ़ साल बाद भी अधूरा है। सरकार अपने घोषणा पत्र को पूरा करते या उस दिशा में बढ़ती नहीं दिख रही है जिससे उन लोगो में निराशा है जिन्होंने 15 साल के बीजेपी सरकार को मात्र 14 विधायकों सिमित कर सत्ता से बेदखल कर दिया था। चुनाव के पूर्व कांग्रेस के लोक लुभावने वादों से कांग्रेस ने सरकार तो बना लिया पर उन वादों को पूरा करने में अब तक नाकाम है। प्रदेश में 60 हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद रिक्त है जिसमे 14500 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। बस आखरी रिजल्ट का इंतजार है। पुलिस के 21000 पदों की नियुक्ति के लिए कोर्ट ने समयसीमा निर्धरित किया उस पर अमल नहीं हो सका है। डेढ़ सालो से पुलिस के अभ्यर्थी उस परिणाम का इन्तजार कर रहे है पर कोर्ट के दखल के बाद भी परिणाम जारी नहीं हो पा रहा है। सरकार पीडीएस के चावल, चना बाटकर और किसानो को 2500 रुपये धान की कीमत देकर अपनी अपने चुनावी वादों को पूरा करने का प्रचार कर रही पर वास्तविकता उससे परे है।

हरदेव सिन्हा ने सरकार का ध्यान आकृष्ट किया है जिस पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री शर्मिंदा है। स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिहदेव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि

सभी बेरोजगार शिक्षाकर्मियों, विद्या मितानिन, प्रेरको अवं अन्य युवाओ की पीड़ा से मै बहुत दुखी और शर्मिंदा। जान घोषणा माध्यम से जो वायदा आपको किया था मई उस पर अटल हु.यही विश्वास दिला रहा हु की सर्कार प्रयास कर रही है। हम आपके साथ हैं और साथ रहेंगे।”

चुनाव के पूर्व कांग्रेस का घोषणा पत्र तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने आम लोगो से मिलकर तय किया था, ऐसे में उनकी शर्मिदगी जायज है। वर्ना सरकार के अधिकारी तो हरदेव सिन्हा को पागल बताने लगे थे जबकि उसकी पत्नी ने कहा की उसका पति दिमागी रूप से स्वस्थ्य है, गरीबी के चलते उसने ऐसा किया। सवाल यही है। सरकार को अपने किये वादों पर अमल करना चाहिए ताकि दोबारा कोई हरदेव मुख्यमंत्री निवास के सामने ना पहुंचे ना ही सरकार को शर्मिंदा होना पड़े।

 

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