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यहाँ बनेगा भव्य माता कौशिल्या का मंदिर, वनवास में भगवान राम ने गुजारा था समय… अगस्त से शुरू होगा निर्माण, सीएम बघेल ने की घोषणा

रायपुर- माता कौशिल्या के जन्मभूमि और भगवान राम के ननिहाल चंदखुरी में भव्य मंदिर बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसकी घोषणा की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सप्तनीक माता कौशिल्या के दर्शन करने चंदखुरी पहुंचे और पूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भव्य मंदिर बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि

“भगवानराम का ननिहाल और माता कौशिल्या का जन्मस्थान छत्तीसगढ़ की पवन भूमि पर है जिसे सवारने का काम राज्य सरकार करेगी। यहाँ के कण कण में भगवन श्री राम बसे है, भगवान राम लंबा समय यहाँ व्यतीत किया है। यहाँ भव्य मंदिर निर्माण का अगस्त के तीसरे सप्ताह में प्रारम्भ हो जायेगा।”

15 करोड़ में होगा सौंदर्यीकरण-

प्रदेश में भगवानराम के वन पथ गमन मार्ग में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप विकसित कर रही है। जिसका भूमिपूजन विगत 22 दिसंबर 2019 को किया जा चूका है। चंदखुरी को सवारने राज्य सरकार 15 करोड़ रुपये खर्च करेगी जिसमे भव्य मंदिर की निर्माण की कार्ययोजना में परिसर में विद्युतीकरण, तालाब का सौंदर्यीकरण, घाट निर्माण, पार्किंग, परिक्रमा पथ का विकास आदि कार्य शामिल किया गया हैं।

वही तालाब के बीच से होकर गुजरने वाले पुल की मजबूती के साथ ही यहां परिक्रमा पथ, सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला और शौचालय भी बनाया जायेगा। ग्रामीणों की सहूलियत के लिए वह राष्ट्रीयकृत बैंक भी खोला जायेगा।

प्राचीनकालीन इतिहास चंदखुरी का-

चंदखुरी का इतिहास प्राचीनकालीन है। जानकारों के अनुसार त्रेतायुगीन छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम दक्षिण कोसल एवं दण्डकारण्य के रूप में विख्यात था। प्रभु श्रीराम ने उत्तर भारत से छत्तीसगढ़ में प्रवेश के बाद विभिन्न स्थानों पर चौमासा व्यतीत करते हुए दक्षिण भारत में प्रवेश किया गया था। छत्तीसगढ़ में कोरिया जिले की गवाई नदी से होकर सीतामढ़ी हरचौका नामक स्थान से प्रभु श्रीराम ने छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था।

इस दौरान उन्होंने 75 स्थलों का भ्रमण करते हुए सुकमा जिले के रामाराम से दक्षिण भारत में प्रवेश किया था। उक्त स्थलों में से 51 स्थल ऐसे है, जहां भगवान राम ने भ्रमण के दौरान कुछ समय व्यतीत किया था। राज्य सरकार पहले फेज में ऐसे 9 स्थलों को विकसित करेगी। सरकार द्वारा राम वन गमन पथ का, पर्यटन की दृष्टि से विकास की योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य में आने वाले पर्यटकों, आगन्तुकों के साथ-साथ देश और राज्य के लोगों को भी राम वन गमन मार्ग एवं स्थलों से परिचित कराना एवं इन ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण के दौरान पर्यटकों को उच्च स्तर की सुविधाएं भी उपलब्ध कराना है।

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