Exclusive News बड़ी खबर

सीएम सचिवालय ने जिस एसडीओ को हटाने कहा उसे बना दिया प्रभारी वनमंडलाधिकारी, मचा बवाल

रायपुर 16 सितंबर 2021.  मरवाही वन मंडल में आर्थिक अनियमितता के आरोपों से घिरे और विवादित अफसर को डीएफओ का प्रभार देने पर बवाल मच गया है। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियो के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वही सीनियर एसडीओ ने सचिव वन विभाग में शिकायत की है।

दरअसल बीते दिनों पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी ने आईएफएस अफसर को दरकिनार कर एसडीओ संजय त्रिपाठी को प्रभारी वनमंडलाधिकारी बना दिया। वही एसडीओ से जिसके खिलाफ मुख्यमंत्री सचिवालय ने कार्यवाही करने का आदेश दिया था। जिस पर कार्यवाही के बजाये उसे प्रभारी वनमंडलाधिकारी बना दिया गया है।

एसडीओ संजय त्रिपाठी साल 2013 से मरवाही वनमडल में बतौर रेंजर और एसडीओ पदस्थ है। इस दौरान उन पर करोडो रुपये बोगस भुगतान, पौधरोपण और कैम्पा मद में भ्रष्टाचार के आरोप लगे। स्थानीय कांग्रेसी नेताओ वन मंत्री से शिकायत कर मरवाही वनमंडल से हटाने और उनके कार्यकाल में हुए कार्यो की जाँच की मांग कर डाली। शिकायतों की सत्यता पाए जाने पर साल 2020 में मुख्यमंत्री सचिवालय ने एसडीओ संजय त्रिपाठी को हटाने का आदेश सचिव वन विभाग को दिया पर साल भर बाद भी आदेशों का पालन नहीं हुआ है, उल्टे 31 अगस्त को उन्हें प्रभारी वनमंडलाधिकारी बना दिया गया।

एक ही स्थान पर प्रति वर्ष वृक्षारोपण.!

एसडीओ श्री त्रिपाठी पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने करोडो के वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए है। कांग्रेस के प्रदेश सचिव ने वन मंत्री को शिकायत कर कहा कि श्री त्रिपाठी ने बीते आठ सालो में 50 से 60 करोड़ का कार्य कागजो पर कर दिया। एक ही स्थान पर प्रति वर्ष वृक्षारोपण कर जामवंत योजना में बंदर -बाँट किया। त्रिपाठी ने उपवनक्षेत्रपाल को प्रभारी वन क्षेत्रपाल बनाकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। ऐसे में उनके वनमंडलाधिकारी बनने से भ्रष्टाचार को और बढ़ावा मिलेगा।

नेताओ के साथ धोखा..?

मरवाही वनमंडल में राकेश मिश्रा पूर्व में एसडीओ रहते ढाई सालो तक प्रभारी वनमंडलाधिकारी बने रहे, संजय त्रिपाठी भी वैसा ही चाहते है। पुष्ट सूत्रों के अनुसार इसके लिए खूब तिया-पाचा किया गया। राजधानी के सत्ता पक्ष के नेताओ से संपर्क साधा गया पर अनुष्ठान में खर्चा ज्यादा देख केंद्रीय राजधानी में दर्खास्त कर आर्डर निकलवाया गया है, जिससे राजधानी के नेता और संबंधित मंत्री भी नाराज बताये जा रहे है। वही गुरुवार को एसडीओ श्री त्रिपाठी पुरे दिन अरण्य भवन के चक्कर काटते देखे गए।

अफसरशाही: आखिर ऐसा क्या हुआ की दो घंटे में पीसीसीएफ को बदलना पड़ा अपना आदेश? आईएफएस की बजाये एसडीओ को बनाया वनमंडलाधिकारी

About the author

THEINDIPENDENT.COM

Add Comment

Click here to post a comment

Advertisement

-Ad-

Follow Me

Advertisement

-Ad-

Exclusive News

-Ad-

error: Content is protected !!